
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर चांदमारी विजय नगर जनपद गाजियाबाद की ध्वस्तीकरण की कार्यवाही से बेघर हुए पीड़ितों, प्रताड़ितों की समस्याओं से समाजवादी पार्टी महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव ने अवगत कराया तथा कहा कि आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ही नहीं एक संत ह्रदय भी है, उन्होंने संत तुलसीदास को उद्धृत करते हुए कहा है कि :- “संत हृदय नवनीत समाना। कहा कबिन्ह परि कहै न जाना।। निज परिताप द्रवइ नवनीता। पर दुख द्रवहिं संत सुपुनीता”।।संत ह्रदय दूसरे के दुःख और पीड़ा से करुणामय हो द्रवित हो जाते है, आज उन झुग्गीवासियों की इस कड़ाके की ठण्ड में अपने जान-माल की सुरक्षा और जीवन की रक्षा खुले आसमान में कैसे संभव है, जबकि प्रशासन और जन प्रतिनिधि उदासीन संवेदन शून्य बने हुए है, संवेदनहीनता की हद तब है, वर्षों से यह यहाँ पर कच्चे, पक्के घर बना झुग्गी डालकर रह रहे थे, यह जन प्रतिनिधियों के संज्ञान में थी, माना कि यह रक्षा मंत्रालय की भूमि है, इन्हें जाड़े के दिनों के लिए मोहलत तो देनी ही चाहिए थी, अब तो उनका सब कुछ लुट चुका, अब मुख्यमंत्री जी आप ही उनके लिए आशा की किरण है, हम और गाजियाबाद की संवेदनशील जनता आप से मांग करती है कि इन असहाय और साधनहीन लोगों की मदद करने का जिला प्रशासन को निर्देश देने की कार्यवाही करने की शीघ्रतशीघ्र व्यवस्था करें, जिससे वह इस हांडतोड़ ठण्ड से अपने और परिवार को बचा सकें| हमने अवलोकनार्थ जिलाधिकारी गाजियाबाद और नगरायुक्त नगर निगम गाजियाबाद को भी उचित व्यवस्था के लिए पत्र भेज दिया है|
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