
गाजियाबाद में दबंगों का आतंक: पीड़ित परिवार पर ही फर्जी FIR दर्ज, 69 वर्षीय बुजुर्ग ससुर को अस्पताल ले जाना पड़ागाजियाबाद: गगन एन्क्लेव में दबंगों द्वारा एक परिवार पर हमला, तोड़फोड़, गालीगलौज और घर कब्जाने की साजिश का मामला उलझता जा रहा है। पीड़िता मोनिका ने 18 फरवरी 2025 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन FIR होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैंपीड़िता का आरोप है कि 18 फरवरी से 3 मार्च तक पुलिस ने FIR दर्ज करने में देरी की और इस दौरान दबाव डालकर शिकायत वापस लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश की। जब 3 मार्च को FIR दर्ज की गई, तब भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, और आरोपी अब भी स्वतंत्र हैं।हमलावरों में रघुनंदन भारद्वाज, प्रवीण झा, सुमित पाठक, कुलदीप गर्ग, राहुल झा, नवीन झा, कृष्णा प्रॉपर्टी के मालिक, राजू प्रॉपर्टी डीलर सहित अन्य 20 लोग शामिल हैं, जो खुलेआम घूम रहे हैंपीड़िता के अनुसार, लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक तनाव के कारण पीड़ित परिवार के 69 वर्षीय बुजुर्ग ससुर की तबीयत बिगड़ गई, जिससे परिवार को उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने दबंगों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उल्टे पीड़ित परिवार—ससुर, जेठ और पति—के खिलाफ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 130/131 के तहत फर्जी FIR दर्ज कर दी। पीड़िता का आरोप है कि यह FIR दबंगों को बचाने और पीड़ितों को और ज्यादा प्रताड़ित करने के इरादे से दर्ज की गई।पीड़िता ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने और अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग की है, ताकि उसका परिवार सुरक्षित महसूस कर सके। उसने CCTV फुटेज और अन्य सबूत भी पुलिस को सौंपे हैं।

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